ITR filing due date extended: टैक्सपेयर्स को मिली राहत, अब आख़िरी तारीख़ क्या है?

ITR filing due date extended परिचय: करदाताओं की धड़कनें बढ़ाने वाली तारीख़ हर साल जब आयकर रिटर्न भरने की तारीख़ नज़दीक आती है, तो लाखों लोगों के मन में चिंता बढ़ जाती है। वेतनभोगी हो या छोटे व्यापारी, सभी चाहते हैं कि उनकी Income Tax Return (ITR) समय पर दाख़िल हो जाए ताकि उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। इस बार भी 31 जुलाई 2025 आख़िरी तारीख़ तय की गई थी। लेकिन फिर हालात बदले और सरकार को तारीख़ आगे बढ़ानी पड़ी। अब आधिकारिक रूप से ITR filing due date extended होकर 16 सितंबर 2025 कर दी गई है, जिससे करोड़ों करदाताओं को राहत मिली है।

नई तारीख़ से लोगों को मिली राहत

ITR filing due date extended

 

इस बदलाव ने करदाताओं को बड़ी राहत पहुंचाई है, क्योंकि अब वे बिना किसी दबाव के अपने दस्तावेज़ और विवरण तैयार कर सकते हैं। ITR filing due date extended होने से, करदाताओं को सही तरीके से सभी जानकारी भरने और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने के लिए पर्याप्त समय मिल गया है।

पहले यह आख़िरी तारीख़ 15 सितंबर थी, लेकिन जैसे-जैसे समय नज़दीक आया, पोर्टल पर लगातार तकनीकी दिक़्क़तें आने लगीं। कई करदाता लॉगिन नहीं कर पाए, कई बार अपलोडिंग फेल हो गई और लाखों लोग असमंजस में फँस गए। सरकार ने इन परिस्थितियों को देखते हुए अंतिम समय पर एक दिन का अतिरिक्त समय दिया। अब करदाता 16 सितंबर तक अपना ITR दाख़िल कर सकते हैं।

क्यों बढ़ानी पड़ी डेडलाइन?

यह सवाल सबसे ज़्यादा पूछा जा रहा है कि आख़िर सरकार ने अचानक एक दिन और क्यों दिया। असल में इस बार कई चुनौतियाँ सामने आईं। पोर्टल पर अचानक से बहुत ज़्यादा ट्रैफ़िक बढ़ गया, जिससे सर्वर स्लो हो गया। दूसरी ओर ITR फॉर्म और यूटिलिटी को जारी करने में भी देरी हुई, जिससे बहुत से लोगों के पास तैयारी का समय कम रह गया। इसके अलावा रिकॉर्ड स्तर पर दाख़िल हो रहे रिटर्न ने सिस्टम पर दबाव और बढ़ा दिया। इन सब हालात को देखते हुए सरकार ने समझदारी दिखाते हुए एक दिन की राहत दी।

करदाताओं के लिए यह क्यों अहम है

ज़रा सोचिए, लाखों लोग जब आख़िरी समय पर पोर्टल पर जाते हैं और तकनीकी कारणों से फँस जाते हैं, तो उनकी चिंता कितनी बढ़ जाती है। कई लोगों के रिफंड अटक जाते हैं, तो कई लोग पेनल्टी के डर से परेशान रहते हैं। ऐसे समय में जब सरकार एक अतिरिक्त दिन देती है, तो यह लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत होती है। इस एक दिन की मोहलत ने कई करदाताओं की नींद उड़ने से बचा ली है।

अगर अब भी नहीं भरा ITR तो क्या होगा?

सरकार ने भले ही तारीख़ 16 सितंबर तक बढ़ा दी हो, लेकिन यह समझना ज़रूरी है कि इसके बाद भी मौका पूरी तरह ख़त्म नहीं होगा। आप 31 दिसंबर 2025 तक Belated Return भर सकते हैं, लेकिन इसके साथ जुर्माना देना होगा। जिनकी आय ₹5 लाख तक है, उन्हें ₹1,000 का जुर्माना देना होगा और जिनकी आय इससे ज़्यादा है, उन्हें ₹5,000 तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, देर से फाइल करने पर कई फायदे भी हाथ से निकल सकते हैं जैसे कि लॉस कैरी फॉरवर्ड का लाभ।

समय पर ITR दाख़िल करने के फायदे

जब आप समय पर ITR भरते हैं, तो आपको पेनल्टी से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा आपका रिफंड जल्दी प्रोसेस हो जाता है। समय पर फाइल करने से भविष्य में लोन लेते समय आपकी साख मज़बूत होती है और टैक्स विभाग के साथ भी आपके रिश्ते पारदर्शी रहते हैं।

इस बार की सीख

हर साल आख़िरी दिनों में पोर्टल पर भारी भीड़ लग जाती है और करदाताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। इस बार की स्थिति ने एक बार फिर यह सिखाया है कि आख़िरी दिन का इंतज़ार करना हमेशा जोखिम भरा होता है। अगर आप समय रहते तैयारी करें और रिटर्न फाइल करें तो ऐसी चिंताओं से पूरी तरह बचा जा सकता है।

ITR filing due date extended

अब और इंतज़ार क्यों?

सरकार ने ITR filing due date extended करके एक राहत ज़रूर दी है, लेकिन यह राहत हमेशा नहीं मिलने वाली। अगर आप अभी तक अपना रिटर्न नहीं भर पाए हैं, तो तुरंत इसे पूरा कीजिए। एक दिन की मोहलत का इस्तेमाल समझदारी से करें और अपने टैक्स से जुड़ी ज़िम्मेदारी पूरी करें। देर करने से सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि कई वित्तीय परेशानियाँ भी आपके सामने आ सकती हैं।

डिस्क्लेमर:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी कर या कानूनी सलाह नहीं है। किसी भी निर्णय से पहले अपने टैक्स सलाहकार या चार्टर्ड अकाउंटेंट से परामर्श ज़रूर लें।

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